कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी): 250 मिलियन से अधिक लोग सीएडी के साथ जी रहे हैं

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (Coronary Artery Disease – CAD) एक सामान्य हृदय रोग है। वे कोरोनरी धमनियाँ (Coronary Arteries) जो हमारे दिल को रक्त पहुँचाती हैं, कोलेस्ट्रॉल, वसा और कैल्शियम से बनने वाले ब्लॉकेज (Plaque) के कारण अवरुद्ध हो सकती हैं। सरल शब्दों में, CAD का मतलब है कि दिल तक रक्त ले जाने वाली पाइपलाइन धीरे-धीरे जाम हो रही है। यदि इस स्थिति को समय पर नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह हार्ट अटैक (Heart Attack) का कारण बन सकती है।

लगभग 25 करोड़ (250 million) लोग दुनिया भर में CAD से प्रभावित हैं — जिसमें लगभग 14.5 करोड़ पुरुष और 11 करोड़ महिलाएँ शामिल हैं।
अर्थ: यह समस्या बहुत आम है और करोड़ों लोगों को प्रभावित करती है।

विषय-सूची (Table of Contents)

“Coronary arteries वे मुख्य रक्त नलिकाएँ हैं जो हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुँचाती हैं।”

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (CAD) क्या है?

Coronary Artery Disease (CAD) एक सामान्य हृदय रोग है। दिल हमारे शरीर की गाड़ी को चलाने वाला इंजन है। रक्त (Blood) वह ईंधन है जो इस इंजन को चलाए रखता है। Coronary Artery Disease (CAD) ऐसे है जैसे ईंधन की लाइन में समस्या आ जाए। यह या तो इस वजह से होता है कि अंदर प्लाक (Plaque – जैसे कचरा/जमाव) जमा हो जाता है या फिर ईंधन की लाइन को नुकसान हो जाता है। जब ऐसा होता है, तो ईंधन ठीक से इंजन तक नहीं पहुँच पाता। नतीजतन, इंजन को काम करने में दिक्कत होती है और गंभीर स्थिति में इंजन बंद भी हो सकता है।

यह ब्लॉकेज प्लाक (Plaque) की वजह से होता है, जो कोलेस्ट्रॉल, वसा और दूसरे पदार्थों के मिश्रण से बनता है और धमनी (Artery) की दीवार पर जमा हो जाता है।

जब धमनियाँ (Arteries) संकरी हो जाती हैं:
• हृदय को सही मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिलते।
• इससे छाती में दर्द (Chest Pain/Angina), थकान (Fatigue) और सांस फूलने (Shortness of Breath) जैसी समस्याएँ होती हैं।
• यदि प्लाक धमनी को पूरी तरह ब्लॉक कर दे, तो यह हार्ट अटैक (Heart Attack) का कारण बन सकता है।

Plaque – दाँतों पर बनने वाली चिपचिपी परत, या शरीर के अंदर पदार्थों का जमाव।

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ के मुख्य कारण (Major Causes of Coronary Artery Disease)

Infographic showing major causes and risk factors of Coronary Artery Disease (CAD), including uncontrollable factors like age, gender, and genetics, and controllable ones like high blood pressure, cholesterol, diabetes, obesity, smoking, and inactivity.

• हाइपरटेंशन (Hypertension):
Hypertension को हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) भी कहते हैं। इसका मतलब है कि हमारी धमनियों (Vessels/Arteries) में बहने वाले रक्त का दबाव सामान्य से ज़्यादा है। अगर ब्लड प्रेशर हमेशा हाई (लगातार 120 mm Hg से ऊपर) रहता है, तो धमनियों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। फिर वहाँ कोलेस्ट्रॉल और वसा (Plaque) आसानी से जमा होना शुरू हो जाते हैं।

• हाइपरलिपिडेमिया (Hyperlipidemia):
Hyperlipidemia वह स्थिति है जिसमें रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज़्यादा होती है। जब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, तो वह धमनियों (Vessels/Arteries) की दीवारों से चिपककर प्लाक (Plaque) बनाता है। धीरे-धीरे यह प्लाक धमनियों को संकरा और ब्लॉक कर देता है।

सामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर 200 mg/dL से कम होना चाहिए।

• धूम्रपान (Smoking):
Smoking से सिगरेट में मौजूद रसायन (Chemicals) रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को नुकसान पहुँचाते हैं। ये केमिकल्स रक्त वाहिका की अंदरूनी परत (Inner Lining) को कमजोर कर देते हैं। जब अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है, तो वहाँ कोलेस्ट्रॉल और वसा आसानी से चिपक जाते हैं और प्लाक (Plaque) बनने लगता है। धीरे-धीरे रक्त वाहिका संकरी हो जाती है और प्लाक की गति (Plaque Buildup) तेज़ हो जाती है।
• डायबिटीज (Diabetes):
Diabetes में रक्त में शुगर (Blood Sugar) का स्तर बढ़ जाता है। जब शुगर का स्तर बार-बार या लगातार बढ़ा रहता है, तो यह रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को नुकसान पहुँचाता है। नुकसान के बाद रक्त वाहिकाएँ सख्त और संकरी हो जाती हैं। फिर कोलेस्ट्रॉल और वसा आसानी से चिपकते हैं और ब्लॉकेज बनाते हैं। (70 से 99 mg/dL तक का लेवल सामान्य माना जाता है।)
• मोटापा (Obesity):
Obesity (अत्यधिक वजन) में शरीर में बहुत ज़्यादा वसा जमा हो जाती है। यह अतिरिक्त वसा कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) को बढ़ा देती है, जिससे धमनियों में प्लाक (Plaque) बनने की संभावना बढ़ जाती है। दूसरी बात, मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है, जो CAD के मुख्य कारण हैं। शरीर में बहुत ज़्यादा चर्बी होना। वयस्कों में मोटापे का सामान्य मानक 30 या उससे ज़्यादा का बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) है। यह भी कोरोनरी आर्टरी डिसफंक्शन (सीएडी) का एक कारण है।
• बैठे-बैठे जीवनशैली (Sedentary Lifestyle):
Sedentary lifestyle का मतलब है दिन भर बहुत कम शारीरिक गतिविधि करना, जैसे ज़्यादातर समय बैठना, व्यायाम न करना या शारीरिक मेहनत न करना। इस तरह की जीवनशैली से शरीर में वसा बढ़ती है, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं और हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है। ये सभी मिलकर CAD (Coronary Artery Disease) का खतरा बढ़ाते हैं।
• जेनेटिक प्रीडिस्पोज़िशन (Genetic Predisposition):
Genetic predisposition का मतलब है कि यदि परिवार में किसी को हार्ट डिज़ीज़ (Heart Disease) या CAD है, तो आपके अंदर भी हृदय रोग का जोखिम स्वाभाविक रूप से थोड़ा ज़्यादा हो सकता है। यानी, जीन (Genes – जो हमें माता-पिता से मिलते हैं) हमारी धमनियों, कोलेस्ट्रॉल स्तर और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं।

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ के लक्षण (Symptoms of Coronary Artery Disease)

Coronary Artery Disease के लक्षण:
शुरुआती चरण में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते – इसलिए लोगों को शुरुआत में पता ही नहीं चलता कि समस्या है।
• छाती में दर्द (Chest Pain / Angina): जब दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन-युक्त रक्त नहीं मिलता, तो छाती में दबाव, जलन या दर्द महसूस होता है।
• सांस फूलना (Shortness of Breath): सामान्य रूप से सांस न ले पाना या सांस लेने में तकलीफ होना।
• थकान (Fatigue): हल्के काम पर भी अचानक या असामान्य थकान महसूस होना।
• हार्ट अटैक (Heart Attack): जब दिल को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिलते। इससे तेज़ सीने का दर्द, सांस लेने में तकलीफ, मतली और बहुत ज़्यादा पसीना आ सकता है।

"यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।"

कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ का निदान (Diagnosing Coronary Artery Disease)

CAD का निदान करने के लिए डॉक्टर ऐसे टेस्ट का उपयोग करते हैं जो दिल की वायरिंग (ECG), पम्पिंग (Echo), प्रेशर टेस्ट (TMT) और रक्त नलिकाओं की तस्वीरें (Angiography) दिखाते हैं।

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram – ECG) टेस्ट:

• डॉक्टर इस ग्राफ को देखकर चेक करते हैं कि दिल सही तरह धड़क रहा है या नहीं।
• यह एक सरल और तेज़ टेस्ट है जो दिल की स्थिति जांचने के लिए उपयोग किया जाता है।
• डॉक्टर सीने, बाजुओं और पैरों पर छोटे प्लास्टिक पैच (Electrodes) लगाते हैं।
• ये इलेक्ट्रोड तारों के ज़रिए ECG मशीन से जुड़े होते हैं।
• मशीन दिल के इलेक्ट्रिकल सिग्नल रिकॉर्ड कर के एक ग्राफ बनाती है।

स्ट्रेस टेस्ट (Stress Test):

• यह टेस्ट चेक करता है कि काम (Exercise) या दवा से दिल पर ज़्यादा ज़ोर पड़ने पर दिल कैसे प्रतिक्रिया देता है।
• एक्सरसाइज में ट्रेडमिल या साइकलिंग शामिल हो सकती है, या दवाओं की मदद से दिल को “Stress” दिया जाता है।
• टेस्ट का उद्देश्य: यह देखना कि दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त मिल रहा है या नहीं, और जब दिल ज़्यादा पम्प करता है तो कहीं ब्लॉकेज तो नहीं है।

इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram – Echo Test):

• यह टेस्ट ध्वनि तरंगों (Ultrasound) का उपयोग करके दिल की तस्वीरें बनाता है।
• डॉक्टर दिल का आकार, आकार (Shape), वॉल्व (Valves) और पम्पिंग की क्षमता साफ़-साफ़ देख सकते हैं।
• यह टेस्ट वॉल्व की समस्या, कमजोर पम्पिंग या दिल की असामान्य संरचना जैसी बीमारियों का पता लगाने में मदद करता है।

कोरोनरी एंजियोग्राफी (Coronary Angiography):

• यह एक विशेष टेस्ट है जिसमें एक्स-रे (X-Ray) और एक विशेष डाई (Contrast Material) का उपयोग करके दिल की रक्त नलिकाओं को साफ़-साफ़ दिखाया जाता है।
• डॉक्टर डाई को रक्त में इंजेक्ट करते हैं।
• जैसे ही डाई धमनियों में बहती है, धमनियाँ एक्स-रे इमेज पर साफ दिखाई देने लगती हैं।
• यदि कहीं ब्लॉकेज या संकुचन (Narrowing) हो, तो वह तुरंत दिख जाता है।

सीटी स्कैन (CT Scan – Cardiac CT Scan / CT Coronary Angiography):

• यह एक मेडिकल इमेजिंग टेस्ट है जो X-Ray और कंप्यूटर की मदद से शरीर के अंदर की विस्तृत (Detailed) तस्वीरें बनाता है।
• दिल के लिए, यह टेस्ट दिल और उसकी रक्त नलिकाओं की cross-sectional images देता है।
• इससे डॉक्टर आसानी से ब्लॉकेज, प्लाक या संरचनात्मक (Structural) समस्याएँ देख सकते हैं।

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कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ का उपचार (Treatment Options for Coronary Artery Disease)

जीवनशैली में बदलाव

Infographic showing key lifestyle do’s and don’ts for CAD management, including diet, exercise, stress, sleep, and avoiding smoking, alcohol, and unhealthy habits.

• स्वस्थ आहार (Healthy Diet): ज़्यादा सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और कम वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने से कोलेस्ट्रॉल और प्लाक कम होता है।

• नियमित व्यायाम (Regular Exercise): टहलना, साइकल चलाना या तैरना (Swimming) दिल को मज़बूत बनाता है और रक्त नलिकाओं को स्वस्थ रखता है।

• धूम्रपान छोड़ना (Quit Smoking): स्मोकिंग छोड़ने से धमनियों को होने वाला नुकसान कम होता है और ब्लॉकेज का जोखिम घटता है।

• वज़न नियंत्रित रखना (Control Weight): स्वस्थ वज़न बनाए रखने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहते हैं।

• तनाव प्रबंधन (Stress Management): तनाव कम करने से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम होता है।

• अच्छी नींद (Proper Sleep): अच्छी और पर्याप्त नींद दिल और रक्त नलिकाओं दोनों के लिए लाभकारी है।

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दवाइयों से CAD का उपचार (How Medications Help with CAD)

स्टैटिन्स (Statins): ये दवाएँ “खराब” कोलेस्ट्रॉल (LDL – Low Density Lipoprotein) को कम करती हैं और धमनियों में प्लाक बनने से रोकने में मदद करती हैं। Examples: atorvastatin, rosuvastatin, simvastatin.

ब्लड थिनर्स (Blood Thinners): ये खून के थक्के (Blood Clots) बनने से रोकती हैं, जो हार्ट अटैक का बड़ा कारण हैं। Examples: aspirin, warfarin.

बीटा-ब्लॉकर्स (Beta-Blockers): ये दवाएँ ब्लड प्रेशर कम करती हैं और दिल की धड़कन धीमी करती हैं, जिससे दिल पर ज़ोर कम पड़ता है। Examples: propranolol, atenolol.

ACE इनहिबिटर्स (ACE Inhibitors): ये रक्त नलिकाओं को ढीला (Relax) करते हैं और ब्लड प्रेशर कम करते हैं, जिससे दिल पर तनाव कम होता है। Examples: lisinopril, ramipril, captopril.

मेडिकल प्रक्रियाएँ (Medical Procedures)

एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग (Angioplasty and Stenting):
इस प्रक्रिया में एक छोटा सा गुब्बारा (Balloon) धमनी के अंदर डालकर उसे चौड़ा (Open) किया जाता है। फिर वहाँ एक स्टेंट (Stent – छोटा धातु का जालदार ट्यूब) लगाया जाता है, जो धमनी को खुला रखता है ताकि रक्त आसानी से बह सके।

कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिंग (Coronary Artery Bypass Grafting – CABG): यह एक सर्जरी है जिसमें डॉक्टर शरीर के किसी दूसरे हिस्से (जैसे पैर या सीने की रक्त नलिका) से एक वाहिका लेकर ब्लॉक हुई धमनी के चारों ओर एक नया रास्ता (Bypass) बना देते हैं। इससे रक्त प्रवाह सुचारु रूप से हो पाता है और ब्लॉकेज की समस्या कम हो जाती है।

कोरोनरी धमनी रोग के सामान्य लक्षण क्या हैं?

कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षण: शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते – इसलिए लोगों को शुरुआत में किसी समस्या का एहसास ही नहीं होता।
सीने में दर्द (एनजाइना): जब हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिलता, तो सीने में दबाव, जलन या दर्द होता है।
साँस लेने में तकलीफ: सामान्य रूप से साँस न ले पाना या साँस लेने में तकलीफ होना। थकान: थोड़े से परिश्रम से भी अचानक या असामान्य थकान महसूस होना।
दिल का दौरा: जब हृदय को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिलता। इससे सीने में तेज़ दर्द, साँस लेने में तकलीफ, मतली और अत्यधिक पसीना आना होता है।

क्या युवा लोगों को कोरोनरी धमनी रोग हो सकता है?

हाँ, कम उम्र के लोगों को भी यह बीमारी हो सकती है। लेकिन यह वृद्ध लोगों में ज़्यादा आम है।

कोरोनरी धमनी रोग का निदान कैसे किया जाता है?

CAD का निदान करने के लिए डॉक्टर ऐसे टेस्ट का उपयोग करते हैं जो दिल की वायरिंग (ECG), पम्पिंग (Echo), प्रेशर टेस्ट (TMT) और रक्त नलिकाओं की तस्वीरें (Angiography) दिखाते हैं।

कोरोनरी धमनी रोग को उलटना संभव है।

नहीं, CAD पूरी तरह से प्रतिवर्ती नहीं है।

कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित व्यक्ति आमतौर पर कितने समय तक जीवित रहता है?

यदि सही निदान और देखभाल प्राप्त हो तो सीएडी से पीड़ित अधिकांश लोग लंबा और संतुष्ट जीवन जी सकते हैं।

कोरोनरी धमनी रोग पर नवीनतम शोध

Infographic on latest research areas in coronary artery disease, including inflammation, gene mutations, AI in heart care, PET scans, cancer-like cells, and life-saving devices.
  1. जीन और हृदय रोग
    वैज्ञानिकों ने पाया है कि डीएनए में होने वाले छोटे और दुर्लभ बदलाव (म्यूटेशन) लगभग आधे हृदय रोग मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। उन्होंने कुछ खास जीन भी पहचान लिए हैं जो हृदय रोग से जुड़े होते हैं। यह खोज भविष्य में दवाओं और उपचारों को अधिक सटीक और व्यक्ति-विशेष के अनुसार बनाने में मदद करेगी।-nature+1
  2. हृदय देखभाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
    • नए कंप्यूटर टूल्स, जो AI का इस्तेमाल करते हैं, डॉक्टरों को बहुत तेजी और सटीकता से बता देते हैं कि मरीज को हार्ट अटैक हो रहा है या नहीं। इससे बेकार की अस्पताल में भर्ती से बचा जा सकता है।
    • AI अब ECG टेस्ट का विश्लेषण करके यह भी अनुमान लगा सकता है कि भविष्य में किस व्यक्ति को हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
    इससे डॉक्टर जल्दी कदम उठा पाते हैं और मरीज को समय रहते इलाज मिल जाता है।-bhf+1
  3. नई जीवन बचाने वाली डिवाइस
    एक बड़े अध्ययन में डॉक्टरों ने हार्ट अटैक के बाद शॉक में पहुंचे मरीजों पर Impella CP नाम की हार्ट पंप डिवाइस का परीक्षण किया। नतीजे दिखाते हैं कि Impella CP पुराने इलाज की तुलना में ज्यादा मरीजों की जान बचाती है। -acc+1
  4. हार्ट अटैक होने से पहले ही रोकथाम
    शोधकर्ताओं ने पाया है कि हृदय की “जोखिम वाले” धमनियों में छोटे सर्जिकल सुधार भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक को रोक सकते हैं, भले ही वे हिस्से पहले बहुत ज्यादा खराब न दिखें।-acc
  5. कैंसर जैसे व्यवहार करने वाली कोशिकाएं
    वैज्ञानिकों ने पाया है कि ब्लॉक हुई धमनियों में कुछ कोशिकाएं कैंसर जैसी हरकतें करती हैं, जिससे ब्लॉकेज और खराब हो जाता है। यह खोज भविष्य में ऐसी दवाएं बनाने में मदद कर सकती है जो इन हानिकारक कोशिकीय बदलावों को रोक सकें।-nih
  6. खतरनाक ब्लॉकेज को पहचानने के बेहतर तरीके
    PET स्कैन जैसे नए स्कैन पुराने तरीकों की तुलना में धमनियों के खतरनाक ब्लॉकेज को अधिक सटीकता से पहचानते हैं। इससे डॉक्टर यह आसानी से तय कर पाते हैं कि किन हिस्सों का इलाज करना ज्यादा जरूरी है, और इलाज ज्यादा प्रभावी बन जाता है।-pmc.ncbi.nlm.nih
  7. सूजन (Inflammation) की भूमिका
    • शोधकर्ताओं ने पाया है कि कुछ खास इम्यून कोशिकाएं (जो शरीर की रक्षा करती हैं) धमनी रोग में पहले की सोच से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
    • नए खून के टेस्ट इन बदलावों को जल्दी पकड़ सकते हैं, जिससे डॉक्टर समय पर इलाज शुरू कर सकते हैं।-nature+1
Avinash Jestu

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