एक्जिमा (Eczema) बच्चों में काफी आम होता है; मैंने भी अपने बचपन में इसका सामना किया है, और शायद आपने भी किया होगा। वैश्विक रूप से (Globally), लगभग 10-20% बच्चे इससे पीड़ित होते हैं। जब एक्जिमा भड़कता है, तो यह बहुत अधिक खुजली (itching), लालिमा (redness), और बेचैनी (discomfort) पैदा करता है। यह बच्चों को परेशान करता है और माता-पिता के लिए चिंता (anxiety) का कारण बनता है। लोग इसके लिए कई अप्रभावी उपाय इस्तेमाल करते हैं, जो इसे ठीक करने के बजाय अक्सर स्थिति को और खराब कर देते हैं। डॉक्टर से उपचार (Treatment) आवश्यक है, लेकिन कुछ सरल घरेलू उपचार फ्लेयर-अप (flare-up) के दौरान पर्याप्त राहत प्रदान कर सकते हैं और भविष्य में होने वाली घटनाओं को रोकने में मदद करते हैं।
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विषय-सूची (Table of Contents)

बच्चों में एक्जिमा को समझना
इससे पहले कि हम एक्जिमा के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचारों के बारे में जानें, आइए पहले एक्जिमा के बारे में कुछ बातें समझते हैं। एक्जिमा, जिसे एटोपिक डर्मेटाइटिस (atopic dermatitis) भी कहा जाता है, एक पुरानी त्वचा की स्थिति है जिसमें त्वचा सूखी, खुजलीदार और लाल हो जाती है। बच्चों में, यह अक्सर तीन महीने की उम्र के आसपास शुरू होता है। शुरुआत में, यह ज्यादातर गालों पर देखा जाता है, फिर यह धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। यह आवश्यक नहीं है कि यह केवल बच्चों में हो; यह वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को यह पहले नहीं हुआ है, उनमें इसके विकसित होने की अधिक संभावना होती है। कई मामलों में, यह देखा गया है कि इसके लक्षण घटते-बढ़ते रहते हैं, आते-जाते रहते हैं।
उम्र के अनुसार सामान्य स्थान
एक्जिमा का सबसे बड़ा संकेत बहुत तीव्र खुजली है। जब एक फ्लेयर-अप होता है, तो त्वचा लाल हो सकती है और एक खुले घाव की तरह दिख सकती है, और कभी-कभी, थोड़ी नमी या पानी जैसा स्राव भी रिस सकता है। एक्जिमा त्वचा के किसी भी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, लेकिन लक्षण और प्रभावित क्षेत्र आपके बच्चे की उम्र पर निर्भर कर सकते हैं।
• शिशु (Infants): गाल, चेहरा, बाहरी भुजाएँ और पैर
• बड़े बच्चे: जोड़ों की सिलवटें (कोहनी, कलाई, घुटने)
• पैटर्न: आमतौर पर शरीर के दोनों तरफ सममित (symmetrical)
एक्जिमा के लिए सर्वश्रेष्ठ घरेलू उपचार: आवश्यक स्नान तकनीक

उचित स्नान विधि
यह एक्जिमा को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है। एक्जिमा वाले बच्चों को रोजाना हल्का स्नान देना फायदेमंद होता है क्योंकि:
त्वचा साफ हो जाती है: स्नान त्वचा पर जमी हुई धूल, पसीना, और गंदगी को हटाता है, जो एक्जिमा को और अधिक परेशान करते हैं।
कीटाणु और बैक्टीरिया हट जाते हैं: एक्जिमा में, त्वचा कमजोर होती है, इसलिए कीटाणु आसानी से हमला करते हैं। एक स्नान उन्हें धो देता है।
एलर्जी पैदा करने वाले कण भी दूर हो जाते हैं: पराग (Pollen), डस्ट माइट्स (dust mites), या किसी भी पदार्थ से एलर्जी—सभी पानी से धुल जाते हैं।
त्वचा को जलयोजन (hydration) मिलता है: स्नान के बाद, त्वचा स्वाभाविक रूप से पानी सोख लेती है।
स्नान के दिशा-निर्देश:
पानी का तापमान: गुनगुना (Lukewarm), गर्म पानी दर्द पैदा कर सकता है।
• अवधि: 5-10 मिनट
• आवृत्ति: रोज़ाना या हर दूसरे दिन
• क्लीन्ज़र: खुशबू रहित, सौम्य विकल्प
• सुखाना: धीरे से थपथपाएँ, रगड़ने से बचें
• मॉइस्चराइजिंग: स्नान के 3-5 मिनट के भीतर लगाएँ

कोलाइडल ओटमील स्नान
कोलाइडल ओटमील (Colloidal oatmeal) में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुण होते हैं। सरल शब्दों में, यह त्वचा को शांत करता है, लालिमा और खुजली को कम करता है, और चिड़चिड़ी त्वचा को सुकून देता है। इसलिए यह एक्जिमा वाले बच्चों के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है।
इस्तेमाल कैसे करें:
कोलाइडल ओटमील का उपयोग करना बहुत आसान है। बस गुनगुने पानी में थोड़ा सा ओटमील मिला लें और बच्चे को उसमें 10-15 मिनट तक धीरे से भीगने दें। यह त्वचा को सुकून भरी राहत प्रदान करता है और खुजली को कम करता है। स्नान के बाद, तौलिये से त्वचा को न रगड़ें; बस इसे धीरे से थपथपाकर सुखाएँ ताकि त्वचा थोड़ी नम बनी रहे। फिर, 3 मिनट के भीतर मॉइस्चराइजर लगाएँ ताकि जलयोजन त्वचा में बंद हो जाए और एक्जिमा का फ्लेयर-अप नियंत्रण में रहे।
ब्लीच स्नान (चिकित्सकीय देखरेख में ही)
एक पतला ब्लीच बाथ (bleach bath) त्वचा के कीटाणुओं को कम करता है और सूजन (inflammation) को भी घटाता है। सरल शब्दों में, यह पानी को इतना हल्का बना देता है कि बैक्टीरिया हट जाते हैं, और त्वचा अत्यधिक चिड़चिड़ी नहीं होती है। एक्जिमा वाले बच्चों में, यह फ्लेयर-अप्स को नियंत्रित करने में मदद करता है।
कैसे: गुनगुने पानी के एक पूरे टब में ½ कप घरेलू ब्लीच (household bleach) मिलाएँ
महत्वपूर्ण: उपयोग से पहले हमेशा अपने बाल रोग विशेषज्ञ (pediatrician) से सलाह लें
"भिगोएँ और सील करें" (Soak and Seal) विधि
बच्चे को 5-10 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोना सहायक होता है क्योंकि यह त्वचा को नरम करता है और कीटाणुओं को हटाता है। स्नान के बाद, तौलिये से त्वचा को जोर से न रगड़ें; बस इसे धीरे से थपथपाकर सुखाएँ ताकि त्वचा थोड़ी नम रहे। यदि डॉक्टर ने कोई दवा दी है, तो इसे केवल प्रभावित क्षेत्रों पर ही लगाएँ। बाकी त्वचा पर, 3 मिनट के भीतर मॉइस्चराइज़र लगाना आवश्यक है ताकि नमी त्वचा में बंद हो जाए और सूखापन, खुजली, और फ्लेयर-अप न्यूनतम पर रहें। यह मजबूत दवाओं की आवश्यकता को कम कर सकता है और परिणामों में सुधार कर सकता है।
वेट रैप थेरेपी: गहन घरेलू उपचार
वेट रैप थेरेपी (Wet wrap therapy) गंभीर एक्जिमा फ्लेयर-अप के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती है। यह घर पर भी किया जा सकता है, बशर्ते डॉक्टर या नर्स के बुनियादी मार्गदर्शन का पालन किया जाए। इस थेरेपी में, पहले मॉइस्चराइजर या दवा लगाई जाती है, फिर त्वचा के चारों ओर एक हल्के गीले कपड़े या पट्टी को लपेटा जाता है। यह त्वचा को अतिरिक्त जलयोजन (hydration) प्रदान करता है, खुजली जल्दी शांत होती है, और लालिमा तेज़ी से कम होती है।
फ़ायदे:
• तेज लक्षण राहत (24-48 घंटे)
• बेहतर नींद, रात में कम खुजली
• बढ़ी हुई दवा अवशोषण (medication absorption)
• मौखिक दवाओं (oral medications) की कम आवश्यकता
कैसे लगाएँ:
• Follow the soak and seal method
• Soak cotton pajamas in warm water, wring out excess
• Keep on 2 hours or overnight
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प्राकृतिक मॉइस्चराइजर और एक्जिमा के लिए सर्वश्रेष्ठ घरेलू उपचार
नारियल तेल
वर्जिन कोकोनट ऑयल (Virgin coconut oil) शिशुओं के लिए सुरक्षित माना जाता है। इसमें रोगाणुरोधी गुण (antimicrobial properties) होते हैं, जो कीटाणुओं को कम करते हैं, और यह त्वचा के अवरोध (skin barrier) को भी मजबूत बनाता है। यह तेल त्वचा में जल्दी से अवशोषित हो जाता है, जो सूखापन और खुजली दोनों से राहत प्रदान करता है। इसे दिन में 2-3 बार थोड़ी नम त्वचा पर लगाना सबसे प्रभावी तरीका है।
अन्य प्राकृतिक तेल
• सूरजमुखी के बीज का तेल (Sunflower seed oil): नमी को बंद करता है; स्नान के बाद लगाएँ।
• एलोवेरा (Aloe vera): खुजली वाली त्वचा को शांत करता है, वेट रैप से पहले इस्तेमाल किया जा सकता है।
घर पर बनी एक्जिमा क्रीम
सामग्री:
• ¼ कप शीया बटर (shea butter)
• 2 बड़े चम्मच नारियल तेल
• 1 चम्मच पिसा हुआ ओटमील
निर्देश: सबसे पहले, शीया बटर और नारियल तेल को हल्का सा पिघला लें। जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो उसमें ओटमील मिला दें। इस मिश्रण को जमने दें ताकि यह एक ठोस रूप में आ जाए। इसका उपयोग करने से पहले, निश्चित रूप से एक छोटा पैच टेस्ट (patch test) करें ताकि आप जान सकें कि यह बच्चे की त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं।
त्वरित राहत तकनीक
• ठंडा सेंक (Cool compresses): 10-15 मिनट के लिए नम कपड़ा लगाएँ
• बड़े बच्चों के लिए ध्यान भटकाना (Distraction): खेल, कहानियाँ, हल्का थपथपाना
• शिशुओं/बच्चों के लिए: एक्जिमा मिट्टेंस (mittens), छोटे नाखून, हल्का चुटकी लेना
आहार संबंधी विचार
कुछ बच्चों में, खाद्य एलर्जी (food allergies) एक्जिमा को ट्रिगर (trigger) कर सकती हैं। यह समस्या मध्यम या गंभीर एक्जिमा वाले लगभग 20-30% बच्चों में देखी जाती है। सबसे आम एलर्जी वाले खाद्य पदार्थ हैं: गाय का दूध, अंडे, मूंगफली, ट्री नट्स, सोया, मछली या शेलफिश, और गेहूं या ग्लूटेन। लेकिन ध्यान रखें—कभी भी इन खाद्य पदार्थों को बच्चे के आहार से अपने आप न हटाएँ। उन्मूलन (Elimination) हमेशा केवल डॉक्टर या विशेषज्ञ की देखरेख (supervision) में ही किया जाना चाहिए, अन्यथा, पोषण की कमी (nutritional deficiencies) का खतरा हो सकता है।
पर्यावरण संबंधी ट्रिगर का प्रबंधन
हाउस डस्ट माइट्स (House dust mites) एक्जिमा को और बिगाड़ सकते हैं। बच्चे को उनसे बचाने के लिए मैट्रेस कवर (mattress covers) का उपयोग करें, बिस्तर को सप्ताह में एक बार गर्म पानी में धोएँ, और घर को एचईपीए फिल्टर (HEPA filter) वाले वैक्यूम से साफ करें। साथ ही, कमरे में नमी (humidity) भी कम रखें ताकि कण कम विकसित हों। अन्य परेशान करने वाले कारकों से भी दूर रहना आवश्यक है। खुशबूदार साबुन, खुरदरे कपड़े, अत्यधिक गर्मी या ठंड, सिगरेट का धुआँ, और कठोर सफाई उत्पाद—ये सभी त्वचा को परेशान करते हैं और फ्लेयर-अप को बढ़ा देते हैं।
प्रोबायोटिक्स और आंत का स्वास्थ्य (Gut Health)
अनुसंधान के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के शुरुआती महीनों में प्रोबायोटिक्स (probiotics) देने से एक्जिमा का जोखिम लगभग 50% तक कम हो सकता है। हालांकि, अगर बच्चे को पहले से ही एक्जिमा है, तो प्रोबायोटिक्स का प्रभाव बहुत सीमित होता है, यानी इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। प्रोबायोटिक्स के प्राकृतिक स्रोत दही, केफिर और किण्वित खाद्य पदार्थ (fermented foods) हैं, जो आंत के स्वास्थ्य (gut health) में सुधार करते हैं।
चिकित्सकीय सहायता कब लें
एक्जिमा में, कुछ स्थितियाँ ऐसी होती हैं जहाँ तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है। यदि बच्चे को कोई जानलेवा प्रतिक्रिया (life-threatening reaction) हो रही है, जैसे सांस लेने में समस्या या सूजन, तो यह एक आपातकालीन स्थिति (emergency) है। यदि शिशु को बुखार है, त्वचा पर संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, या यदि खुजली और दर्द बहुत गंभीर (severe) हो जाता है, तो यह एक जरूरी मामला है। और यदि त्वचा बहुत लाल बनी रहती है, खुजली नहीं रुकती है, या डॉक्टर द्वारा दी गई स्टेरॉइड क्रीम (steroid cream) काम नहीं करती है, तो 24 घंटे के भीतर डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।
उम्र-विशिष्ट विचार
शिशु (Infants), यानी 0-12 महीने के बच्चे, उपचारों के प्रति बहुत संवेदनशील (sensitive) होते हैं। उनमें खाद्य एलर्जी का खतरा भी अधिक होता है, इसलिए केवल सौम्य मॉइस्चराइजर का उपयोग करें और आवश्यक तेलों (essential oils) से पूरी तरह बचें। टॉडलर्स (Toddlers) और प्री-स्कूल की उम्र के बच्चे अधिक घूमते हैं, इसलिए ट्रिगर के प्रति उनका जोखिम (exposure) भी बढ़ जाता है। उनके लिए, ध्यान भटकाने की तकनीकें (distraction techniques) खुजली को नियंत्रित करने में बहुत सहायक होती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों में, स्कूल का माहौल और सहपाठियों की टिप्पणियाँ एक्जिमा को प्रभावित कर सकती हैं। इस उम्र में, उन्हें थोड़ा आत्म-देखभाल (self-care) सिखाना और स्थिति के बारे में सरल शिक्षा प्रदान करना सहायक होता है।
एक प्रभावी घरेलू देखभाल दिनचर्या बनाना
दैनिक रखरखाव (Daily Maintenance): एक्जिमा वाले बच्चों के लिए बुनियादी त्वचा देखभाल दिनचर्या बहुत सरल होती है। सबसे पहले, त्वचा को एक सौम्य क्लीन्ज़र (cleanser) से धीरे से साफ करें ताकि किसी भी प्रकार की जलन न हो। उन क्षेत्रों पर क्रीम या मलहम (ointment) लगाएँ जहाँ डॉक्टर ने दवा लगाने की सलाह दी है। उसके बाद, पूरी त्वचा पर एक गाढ़ा मॉइस्चराइजर लगाएँ, क्योंकि जलयोजन एक्जिमा नियंत्रण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों को मुलायम, सूती जैसे फ़ैब्रिक (fabric) पहनाएँ ताकि रगड़ और खुजली कम हो। हमेशा गुनगुने पानी से स्नान करें; गर्म पानी त्वचा को और भी सूखा बना देता है। यदि फ्लेयर-अप गंभीर है, तो वेट रैप थेरेपी का भी उपयोग किया जा सकता है, जो त्वचा को तत्काल राहत (instant relief) देती है और खुजली को शांत करती है।
फ्लेयर-अप कार्य योजना:
• हल्का (Mild): मॉइस्चराइजिंग बढ़ाएँ, ठंडा सेंक
• मध्यम (Moderate): गहन मॉइस्चराइजिंग, वेट रैप, संक्रमण की निगरानी करें
• गंभीर (Severe): डॉक्टर से संपर्क करें, निर्धारित उपचार (prescribed treatment) का पालन करें
एक सहायक वातावरण बनाना
एक्जिमा कभी भी संक्रामक (contagious) नहीं होता है, यानी यह छूने से किसी को नहीं फैलता है। जब बच्चा बार-बार खरोंचता है, तो खुजली और लालिमा और बढ़ जाती है, यही वजह है कि एक नियमित त्वचा देखभाल दिनचर्या का पालन करना बहुत आवश्यक है। अच्छी खबर यह है कि लगभग आधे बच्चे अपनी किशोरावस्था तक एक्जिमा से स्वाभाविक रूप से ठीक हो जाते हैं।
भविष्य के फ्लेयर-अप की रोकथाम
एक्जिमा में, तब भी जब त्वचा साफ दिख रही हो, दैनिक मॉइस्चराइजिंग आवश्यक है क्योंकि यह फ्लेयर-अप्स को वापस आने से रोकता है। इसके साथ ही, ट्रिगर्स (triggers) को ट्रैक करना सहायक होता है—इसके लिए, एक साधारण लक्षण डायरी (symptom diary) बनाएँ जिसमें आप नोट करें कि किस विशिष्ट चीज़ के बाद खुजली या लालिमा बढ़ी। एक संतुलित आहार, तनाव कम रखना, और अच्छी नींद भी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखती है। इन सभी कारकों को मिलाकर एक्जिमा को लंबी अवधि में नियंत्रित करना काफी आसान हो जाता है।
मुख्य बातें

• लगातार मॉइस्चराइज़ करें
• फ्लेयर्स के दौरान जल्दी हस्तक्षेप (Intervene) करें
• दैनिक दिनचर्या बनाए रखें
• घरेलू उपचारों के साथ धैर्य रखें
• स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (healthcare providers) से सहायता लें
• याद रखें: एक्जिमा एक चिकित्सा स्थिति (medical condition) है, माता-पिता की विफलता नहीं
जब घरेलू उपचारों का उपयोग डॉक्टर के उपचार के साथ किया जाता है, तो माता-पिता के लिए बच्चे के एक्जिमा को नियंत्रित करना और भी आसान हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप लक्षण बेहतर ढंग से प्रबंधित (managed) होते हैं और त्वचा स्वस्थ बनी रहती है।
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बच्चों में एक्जिमा फ्लेयर-अप्स के प्रबंधन के लिए सबसे अच्छे लंबी अवधि के घरेलू उपचार क्या हैं?
माता-पिता अक्सर पूछते हैं कि दवाओं पर बहुत अधिक निर्भर (depend) हुए बिना फ्लेयर-अप्स को कैसे कम किया जा सकता है। इसका उत्तर सरल है: रोज़ाना मॉइस्चराइज़ करना, गुनगुने स्नान देना, त्वचा को धीरे से साफ रखना, और गर्मी, डस्ट माइट्स और कठोर साबुन जैसे सामान्य ट्रिगर्स से दूर रहना। इन चीज़ों को नियमित दिनचर्या में शामिल (incorporate) करने से, एक्जिमा के लक्षण धीरे-धीरे काफी बेहतर हो जाते हैं।
एक्जिमा के कारण होने वाली मेरे बच्चे की गंभीर रात की खुजली को मैं कैसे शांत कर सकता हूँ?
खुजली अक्सर रात में बढ़ जाती है, जिससे बच्चे को सोने में परेशानी होती है। इसे नियंत्रित करने के लिए, ठंडे सेंक का उपयोग सहायक होता है, और वेट-रैप थेरेपी भी त्वचा को काफी हद तक शांत करती है। बच्चे का ध्यान किसी गतिविधि या कहानी में भटकाने से खरोंचने को कम किया जा सकता है। स्नान के 3 मिनट के भीतर मॉइस्चराइजर लगाना बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है और रात की खुजली में स्पष्ट रूप से (noticeably) कमी आती है।
क्या नारियल तेल और सूरजमुखी तेल जैसे प्राकृतिक तेल शिशु एक्जिमा के लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं?
वर्जिन कोकोनट ऑयल और सनफ्लावर सीड ऑयल शिशुओं के लिए सौम्य विकल्प हैं। वे थोड़ी नम त्वचा पर लगाने पर त्वचा के अवरोध (skin barrier) को बहाल करने और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। रोज़ाना उपयोग से पहले एक त्वरित पैच टेस्ट हमेशा एक अच्छा कदम होता है।
क्या खाद्य एलर्जी छोटे बच्चों में एक्जिमा के लक्षणों को ट्रिगर कर सकती है, और माता-पिता उन्हें कैसे पहचान सकते हैं?
मध्यम या गंभीर एक्जिमा वाले लगभग एक-तिहाई बच्चों में फ़ूड-रिलेटेड ट्रिगर्स (food-related triggers) पाए जाते हैं। सबसे आम खाद्य पदार्थ जो समस्या पैदा कर सकते हैं वे हैं दूध, अंडे, मूंगफली, सोया, और गेहूं। हालांकि, इन खाद्य पदार्थों को बच्चे के आहार से अपने आप हटाना गलत है क्योंकि इससे पोषण संबंधी कमियाँ हो सकती हैं। इसलिए, उन्मूलन हमेशा केवल डॉक्टर या विशेषज्ञ (specialist) की देखरेख में ही किया जाना चाहिए।
यदि घरेलू उपचारों से उनके बच्चे के एक्जिमा में सुधार नहीं हो रहा है तो माता-पिता को डॉक्टरी मदद कब लेनी चाहिए?
यदि बच्चे की त्वचा बहुत लाल हो जाती है, उस पर से पानी या तरल पदार्थ (fluid) निकलने लगता है, संक्रमण के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, या बच्चे को बुखार आता है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क किया जाना चाहिए। यहां तक कि अगर स्टेरॉइड क्रीम का प्रभाव कम हो जाता है या खुजली इतनी बढ़ जाती है कि बच्चा पूरी तरह से असहज (uncomfortable) हो जाता है, तब भी डॉक्टर की मदद लेना आवश्यक है।
